
मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार: लातेहार के 90 विद्यालय सम्मानित, 8 को राज्य स्तरीय पुरस्कार
Sanjay prajapati @ united palamu
Latehar: जिले के लिए गौरव की बात है कि मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के तहत लातेहार के कुल 90 विद्यालयों का चयन विभिन्न श्रेणियों में किया गया है। इस संबंध में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची द्वारा पुरस्कार प्राप्त विद्यालयों की सूची जारी की गई है।
जारी सूची के अनुसार लातेहार जिले के 8 विद्यालयों को राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इनमें जिला मुख्यालय स्थित जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (एसओई), उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरातू (बरवाडीह), उत्क्रमित मध्य विद्यालय इमारो (चंदवा), राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय छेंचा (बरवाडीह), उत्क्रमित प्लस टू हाई स्कूल रोल (चंदवा), उत्क्रमित प्लस टू हाई स्कूल गारू, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय मंगरा (बरवाडीह) तथा आदिम जनजाति आवासीय विद्यालय कुटम (बरवाडीह) शामिल हैं।
इसके अलावा जिले के 9 विद्यालयों को प्रखंड स्तर तथा 73 विद्यालयों को पंचायत स्तर पर मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। इस प्रकार कुल 90 विद्यालयों ने स्वच्छता एवं विद्यालय प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सम्मान हासिल किया है।
इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी है।
जिले की इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार एवं जिला शिक्षा अधीक्षक गौतम कुमार साहू ने सभी चयनित विद्यालयों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और छात्रों के निरंतर प्रयास, विद्यालय प्रबंधन की सक्रियता तथा विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन और समन्वय के परिणामस्वरूप जिले को इतनी बड़ी सफलता मिली है।
गौरतलब है कि राज्यभर में कुल 2582 विद्यालयों का चयन मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए किया गया है। इनमें 110 विद्यालयों को राज्य स्तर, 41 विद्यालयों को शहरी स्थानीय निकाय स्तर, 262 विद्यालयों को प्रखंड स्तर तथा 2164 विद्यालयों को पंचायत स्तर पर सम्मानित किया गया है। राज्य स्तर पर हजारीबाग, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा जिलों को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
सरकार द्वारा विभिन्न श्रेणियों में चयनित विद्यालयों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है, जिससे विद्यालयों में स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा मिल सके।





