
मोदी सरकार के 12 साल पूर्ण होने पर चिआंकी में प्राकृतिक खेती कार्यशाला का हुआ आयोजन
Palamu : किसानों को रसायनमुक्त खेती के प्रति जागरूक करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यशाला में भारतीय जनता पार्टी के पलामू जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है तथा मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलती है। किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत तथा प्राकृतिक कीट नियंत्रण के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

तिवारी ने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ खाद्यान्न उत्पादन का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।इस कार्यक्रम के प्रभारी रवि प्रकाश दुबे ने अपने संबोधन में जिले में किसानों के द्वारा जैविक खाद का उपयोग ज्यादा करने का सुझाव दिया गया और रासायनिक करो का प्रयोग काम करने पर बोल दिया गया क्योंकि रासायनिक खाद का जो हम लोग प्रयोग करते हैं भले ही उसे उत्पादन बढ़ जाता है लेकिन उसके गुणवत्ता बहुत ही खराब हो जाती है जिससे लोगों को कई स्वास्थ्य संबंधित बीमारियां उत्पन्न होती है
पूर्व किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश कार्य समिति सदस्य प्रेम सिंह जी ने अपने संबोधन में जैविक खेती से लाभ के बारे में बताया
भूमि की सेहत में सुधार: मिट्टी की गुणवत्ता और उसकी जल सोखने की क्षमता बढ़ती है।
स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित: इसमें उगे अनाज, फल और सब्जियां रसायनों से मुक्त होती हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं।
कम लागत: बाजार से महंगे रासायनिक खाद और कीटनाशक खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे खेती की लागत कम होती है।
पर्यावरण संरक्षण: पानी, हवा और पर्यावरण प्रदूषित होने से बचते हैं, और मित्र कीट (जैसे केंचुए और मधुमक्खियां) सुरक्षित रहते हैं।
कार्यक्रम के दौरान किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें अपने खेतों में प्राकृतिक खेती के प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
मेदनीनगर नगर निगम की महापौर श्रीमती अरुणा शंकर ने अपने संबोधन में जैविक खेती के बारे में बताया कि जैविक खेती कृषि की वह विधि है जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता। इसकी जगह प्राकृतिक खादों, पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों और पारंपरिक तौर-तरीकों का इस्तेमाल करके भूमि की उपजाऊ क्षमता को बनाए रखा जाता है।
कृषि वैज्ञानिक राजीव कुमार जी ने अपने संबोधन में जैविक खेती कैसे करें उसके बारे में विस्तृत जानकारी दिया और लोगों को उसके गुणवत्ता एवं मिट्टी के पोषक तत्वों के बारे में भी जानकारी दिया।
अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम के अध्यक्षता किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष विजय कुशवाहा जी के द्वारा किया गया एवं इस कार्यक्रम का संचालन विजय शर्मा ने किया मौके पर विजय ठाकुर जी अजय सिंह जी जितेंद्र तिवारी जी मधु लता रानी जी विपुल गुप्ता जी शुभम प्रसाद जी अभय सिंह पंकज शर्मा नरेंद्र मेहता दामोदर तिवारी घनश्याम साहू मनोज दास रामप्रवेश मेहता रूपेश सिंह काफी संख्या में ग्रामीण एवं खेती से जुड़े माताएं बहने और किसान मित्र उपस्थित थे।



