राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर हुसैनाबाद अस्पताल में कुष्ठ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
Palamu : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर अनुमंडलीय अस्पताल हुसैनाबाद में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शशि भूषण के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. शशि भूषण ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बापू का जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और स्वास्थ्य सेवा के प्रति समर्पित था। कुष्ठ रोगियों के प्रति समाज की भ्रांति को दूर करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन देना बापू के सपनों में से एक था।
कार्यक्रम की मुख्य बातें एवं संदेश
- समय पर पहचान और इलाज: डॉ. शशि भूषण ने बताया कि कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) एक सामान्य और पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है। यदि त्वचा पर दाग-धब्बे या सुन्नपन का लक्षण दिखे, तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच करानी चाहिए।
- निःशुल्क एमडीटी (MDT) दवा: अनुमंडलीय अस्पताल हुसैनाबाद सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कुष्ठ रोग की जांच और ‘मल्टी ड्रग थेरेपी’ (MDT) दवा पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध है।
- सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने की अपील: उपाधीक्षक ने कहा कि कुष्ठ रोग न तो छुआछूत की बीमारी है और न ही किसी पाप का फल। सही समय पर दवा के नियमित सेवन से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है और दिव्यांगता (Disability) से भी बच सकता है।
- स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश: कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों, एएनएम (ANM) और सहियाओं को निर्देश दिया गया कि वे क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें और संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनका समय पर इलाज शुरू कराएं।
बापू के विचारों को अपनाने का संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने संकल्प लिया कि वे क्षेत्र को कुष्ठ मुक्त बनाने के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करेंगे। इस अवसर पर अस्पताल के अन्य चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।




