
राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी आभा कुमारी के निधन पर शोकसभा आयोजित

Latehar: लातेहार जिला खेल स्टेडियम स्थित वॉलीबॉल मैदान में राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी आभा कुमारी के असामयिक निधन पर शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह शोकसभा जिला वॉलीबॉल एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित की गई।कार्यक्रम में जिला खेल पदाधिकारी लातेहार अविनेश कुमार त्रिपाठी, लातेहार जिला वॉलीबॉल एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज तिवारी, कोषाध्यक्ष नीरज कुमार, एथलेटिक्स प्रशिक्षक आलोक कुमार सिंह, वॉलीबॉल प्रशिक्षक प्रवीण मिश्रा, जिम ट्रेनर आसिफ अली, बैडमिंटन कोच वाहिद अंसारी, एथलेटिक्स कोच कमल कुमार सहित डे-बोर्डिंग वॉलीबॉल प्रशिक्षण केंद्र, बालक-बालिका वॉलीबॉल, बैडमिंटन और आवासीय एथलेटिक्स के सैकड़ों खिलाड़ी उपस्थित थे।जिला खेल पदाधिकारी श्री त्रिपाठी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि जिस खिलाड़ी को कल तक हम सभी मैदान में खेलते हुए देखते थे, आज वह हमारे बीच नहीं है। उन्होंने खिलाड़ियों को अपनी सेहत का ध्यान रखने और किसी भी प्रकार की समस्या को अभिभावकों एवं प्रशिक्षकों के साथ साझा करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि आभा कुमारी की स्मृति में 29 अप्रैल को वॉलीबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
आभा की असामयिक मृत्यु न केवल लातेहार, बल्कि पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है।
जिला वॉलीबॉल एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहा कि आभा की असामयिक मृत्यु न केवल लातेहार, बल्कि पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि कम समय में ही आभा ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी और उनसे सभी को काफी उम्मीदें थीं।आभा के प्रशिक्षक प्रवीण मिश्रा ने बताया कि आभा ने वर्ष 2024 में वॉलीबॉल खेलना शुरू किया था और कम समय में ही खेल की तकनीकी बारीकियों को सीखना उनकी विशेषता थी। उन्होंने कई राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में लातेहार जिले को विजेता एवं उपविजेता बनने का गौरव दिलाया। साथ ही झारखंड राज्य सब-जूनियर वॉलीबॉल प्रतियोगिता में “बेस्ट अटैकर” का खिताब भी अपने नाम किया। इसके अलावा, वर्ष 2025-26 में उन्होंने तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया।इससे पूर्व प्रशिक्षक प्रवीण मिश्रा एवं लातेहार के बालक-बालिका वॉलीबॉल खिलाड़ी जमशेदपुर की एक बालिका खिलाड़ी के साथ आभा के पैतृक निवास बकोरिया (मनिका) पहुंचकर अंतिम संस्कार में शामिल हुए और श्रद्धांजलि अर्पित की।




