
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में बाल संसद का शपथ ग्रहण: विद्यार्थियों ने लिया निष्ठापूर्वक दायित्व निर्वहन का संकल्प
लातेहार:धर्मपुर पथ स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के ‘श्री कृष्ण चंद्र गांधी ऑडिटोरियम’ में आज दिनांक 16 मई, 2026 को नवनिर्वाचित बाल संसद के सदस्यों का भव्य शपथ ग्रहण समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस समारोह में लोकतांत्रिक मूल्यों को रेखांकित करते हुए नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों को उनके पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई, जहाँ सभी प्रतिनिधियों ने विद्यालय के विकास और अनुशासन को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया।नेतृत्व और अनुशासन की पाठशाला है बाल संसद: मुख्य अतिथि शपथ ग्रहण कार्यक्रम में विद्यालय के विभिन्न सदनों एवं समितियों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सह विद्यालय कार्यकारिणी समिति के सचिव राजीव रंजन कुमार पाण्डेय ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।
लोकतांत्रिक व्यवस्था से परिचित होकर ये बच्चे भविष्य के आदर्श नागरिक बनेंगे।
अपने संबोधन में श्री पाण्डेय ने कहा: “बाल संसद महज एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, उत्तरदायित्व और सेवा भावना का बीजारोपण करने वाली एक जीवंत पाठशाला है। लोकतांत्रिक व्यवस्था से परिचित होकर ये बच्चे भविष्य के आदर्श नागरिक बनेंगे।” उन्होंने सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को विद्यालय के उच्च आदर्शों और परंपराओं के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रेरित किया।विद्यालय के गौरव को वैश्विक पटल पर ले जाने का आह्वान।समारोह को विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मातृ भारती की अध्यक्षा रितु रानी ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने भावुक और ओजस्वी शब्दों में कहा कि बच्चों के कड़े परिश्रम और उत्कृष्ट नेतृत्व से विद्या मंदिर का नाम दूर-दूर तक गूंजना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों के समन्वय पर भी बल दिया।कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को विद्यालय की दैनिक व्यवस्था, स्वच्छता अभियान, अनुशासन का पालन एवं विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियों के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया गया।शपथ ग्रहण के उपरांत विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य ओंकार नाथ सहाय ने सभी निर्वाचित बाल प्रतिनिधियों को उनके विभागीय दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने आगामी मंत्रिमंडल की बैठक और इसके विस्तार की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया।
इस गरिमामयी अवसर पर विद्यालय परिवार के सभी आचार्यगण, दीदीजी, और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान ऑडिटोरियम करतल ध्वनि और देशप्रेम के नारों से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम का औपचारिक समापन वैदिक परंपरा के अनुसार सामूहिक ‘शांति मंत्र’ के पाठ के साथ हुआ।





