हिमाचल में भूस्खलन से 93 सड़कें अवरुद्ध
शिमला : हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी हुई है और कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बारिश के साथ भूस्खलन की घटनाओं से राज्य में 93 सड़कें अवरुद्ध हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार रविवार सुबह तक 23 बिजली ट्रांसफार्मर और 15 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित थीं। शिमला में सुबह से बादल छाए रहे।

मौसम विभाग ने 12 सितंबर तक प्रदेश में बारिश की संभावना जताई है। हालांकि इस अवधि में भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज से 10 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 11 और 12 सितंबर को भी मौसम के आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। इन सभी दिनों में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। नाहन में सबसे अधिक 53.6 मिलीमीटर बारिश हुई। बिलासपुर के नैना देवी में 46.2 मिलीमीटर, मंडी के जोगिंदरनगर में 39 मिलीमीटर, शिमला के सराहन में 30.1 मिलीमीटर, सिरमौर के धौलाकुआं एडब्ल्यूएस में 26.5 मिलीमीटर और सिरमौर के जटोन बैराज में 24 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शिमला के चौपाल में 23 मिलीमीटर, सोलन के कसौली में 23 मिलीमीटर और किन्नौर के वांगतू में 20.4 मिलीमीटर बारिश हुई। शिमला, जुब्बड़हट्टी, कांगड़ा, सुंदरनगर और मुरारी देवी में गरज के साथ बारिश की स्थिति दर्ज की गई।
बारिश के कारण सबसे अधिक सड़कें मंडी जिले के सराज उपमंडल में प्रभावित हुई हैं, जहां 32 सड़कें बंद हैं। मंडी के सरकाघाट में तीन, थलौट में दो तथा सुंदरनगर और करसोग में एक-एक सड़क अवरुद्ध है। कुल्लू जिले के आनी में 12, निरमंड में चार, कुल्लू उपमंडल में चार और बंजार में दो सड़कें बंद हैं। शिमला जिले के जुब्बल में नौ, रामपुर में एक और सुन्नी में एक सड़क अवरुद्ध है।




