
हुसैनाबाद : वीर शिरोमणि बाबा चौहरमल: शौर्य और समरसता के प्रतीक: जितेंद्र पासवान
दुगोला कार्यक्रम का श्रोताओं ने जमकर उठाया लुफ्त
Palamu : हुसैनाबाद के चौवा चट्टान में वीर शिरोमणि बाबा चौहरमल की जयंती के अवसर पर आयोजित दुगोला कार्यक्रम एक भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में श्रोताओं ने जमकर लुफ्त उठाया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि जितेंद्र पासवान (पूर्व लोकसभा प्रत्याशी, पलामू) ने बाबा चौहरमल के जीवन और उनके संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए समाज को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वीर शिरोमणि बाबा चौहरमल: शौर्य और समरसता के प्रतीक थे।
उन्होंने कहा कि वीर बाबा चौहरमल केवल एक समुदाय के नायक नहीं, बल्कि वे पूरे समाज के लिए महान योद्धा, लोक-देवता और सामाजिक समरसता के प्रतीक थे। उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि अन्याय के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए।

उन्होंने उस दौर में सामंती अन्याय, जातिगत भेदभाव और सामाजिक अत्याचार के विरुद्ध बिगुल फूंका,जब आवाज उठाना भी साहस का काम था। बाबा चौहरमल ने सदैव शोषितों और वंचितों के हक की बात की। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव को मिटाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। आज युवाओं के लिए प्रेरणा: आज की युवा पीढ़ी को उनके शौर्य और वीरता से प्रेरणा लेनी चाहिए।
उनके आदर्शों पर चलकर ही एक सशक्त और एकजुट समाज का निर्माण संभव है। सामाजिक एकता: यह जयंती समारोह हमें आपसी भाईचारे और एकजुटता का संदेश देता है। हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा।
मौके पर जितेंद्र पासवान मुख्य अतिथि (पूर्व लोकसभा प्रत्याशी, पलामू) रंजीत पासवान लोकसभा सांसद प्रतिनिधि सह दक्षिणी जिला परिषद प्रत्याशी, शिवलाल राम पूर्व मुखिया, शंभू कुमार पार्षद, नगर पंचायत हुसैनाबाद, प्रदीप पटेल (पीपी) युवा समाजसेवी,धर्मेन्द्र पासवान वरिष्ठ सदस्य, पासवान समिति के अलावा कुंदन पासवान, प्रेमचंद चौधरी, रवींद्र कांस्यकर (टंकी), गांधी पासवान, विनय पटेल, धीरेन्द्र पटेल, और विवेक पासवान (छोटू) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और समिति के सदस्य उपस्थित थे।
पासवान समिति चौवा चट्टान द्वारा आयोजित इस दुगोला मुकाबले ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को जीवंत रखने का कार्य भी किया। बाबा चौहरमल के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने समाज में शिक्षा और स्वाभिमान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।



