हेमंत सरकार छात्रों और युवाओं के साथ कर रही अन्याय : आदित्य साहू
Ranchi : रामगढ़ जिला स्थित भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में रविवार को प्रदेश पदाधिकारियों और सभी मोर्चों के अध्यक्षों की मासिक बैठक प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी एवं विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष शामिल हुए। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों और पूर्व में आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर छात्रों और युवाओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्रों की वर्तमान स्थिति किसी से छिपी नहीं है। छात्र पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है।
आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांग पिछले सात वर्षों के दौरान हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को छात्रों की मांग को गंभीरता से लेते हुए सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की अनुशंसा तत्काल करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने आंदोलन को और धारदार बनाने का निर्णय लिया है। भाजपा छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को नैतिक समर्थन देती रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को टकराव का रास्ता अपनाने के बजाय छात्रों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले सात वर्षों में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर युवाओं के रोजगार के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बारिश के मौसम में भी छात्र भूखे-प्यासे आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है।
आदित्य साहू ने कहा कि यह आंदोलन अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है। उनके अनुसार, पिछले दिनों दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई और पैदल मार्च कर उनकी मांगों को उठाया।
आदित्य साहू ने दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया और उनकी दिवंगत मां को लेकर भी टिप्पणी की गई। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत झारखंड के छात्र अपने आंदोलन के दौरान मर्यादा बनाए हुए हैं, लेकिन राज्य सरकार उनकी बातों पर ध्यान नहीं दे रही है।




