
चेड़ाबार मे सरना स्थल मद की राशी 25 लाख का दुरूपयोग, आदिवासी आगुआ आशुतोष सिंह चेरो का आरोप
Palamu : झारखंड सरकार के द्वारा आदिवासी सामुदाय के प्रकृतिक व्यवस्था सरना स्थल/जाहेरथान (आदिवासीयो की स्वय की पुजा स्थल) की घेराबन्दी, सौन्दर्यीकरण, आधारभूत संरचना के विकास के लिए 25 लाख रूपया की राशि ग्रामसभा को स्वीकृति प्रदान की है। परन्तु ग्राम चेड़ाबार मे सरना स्थल योजना संख्या वर्ष 67-2025 -26 की 25 लाख रू की राशि का दुरूपयोग की गई। ग्राम चेड़ाबार मे सरना स्थल मद की राशि को दुर्गा मंदिर निर्माण स्थान को विकास करने मे लगाई जा रही है।
ग्राम चेड़ाबार मे सरना स्थल परम्परागत रूप से खतियान मे दर्ज नही है। इसका फायदा पंचायत के जनप्रतिनिधी एव लाभूक समिती पुरे गांव को अंधर मे रख कर बिना सार्वजनिक ग्रामसभा किये बिना चंद लोगो को लाभूक समिती बनाकर ग्राम चेड़ाबार मे दुर्गा मंदिर निर्माण स्थान को सरना स्थल दिखा कर सरना स्थल की योजना राशि कल्याण विभाग द्वारा स्वीकृत करा कर दुर्गा मिंदर निर्माण स्थान को जो पहले से निर्माण कार्य चल रहा था, उसी स्थान को चारदिवारी कर दी गई। सरना स्थल का बोर्ड लगा दिया गया। जहा पहले से हर वर्ष उस स्थान पर दुर्गा पुजा होता रहा है। ग्रामीणो के सौजन्य से दुर्गा मंदिर निर्माण की बात सामने आई परन्तु क्षेत्रीय जनप्रतिनिधी सरना स्थल के मद के राशि को मंदिर के निर्माण मे लगाना देना यह कल्याण विभाग के निती संगत मे नही है। क्योकि कल्याण विभाग के मद मे मंदिर निर्माण के लिए राशि स्वीकृत करने का प्रावधान नही है।

आदिवासी स्वशासन व्यवस्था आर्टिकल 13 3(क) के अनुसार सरना स्थल आदिवासीयो का रूढि स्वशासन व्यवस्था का अंग है। सरना स्थल का सौन्दर्यीकरण उसी जगह होती है, जहा परम्परागत रूप से सरना स्थल पहले से हो या जहा पहले से कोई अन्य धार्मिक स्थान ना हो या सरना स्थल वैसे जगहो पर बनता है। जहा गांव के लोग जमीन दे और वो जमीन राज्यपाल के नाम से लिखा गया हो और राज्यपाल का अनुमती लेटर हो परन्तु ऐसा नही हुआ नियम संगत से हठ कर दुर्गा पुजा मंदिर निर्माण स्थान को सरना स्थल का रूप दिया जा रहा है। इसलिऐ 29/03/2026 ग्रामसभा के बैठक मे चेड़ाबार के आदिवासी सामुदाय दुर्गा स्थान पर सरना स्थल के राशि से मंदिर के चारदिवारी को लेकर आपत्ति जताया और ग्राम सरहुल ढिहवार पुजा दुर्गा स्थान पर नही मनाने का निर्णय लिया।
ग्राम सरहुल ढिहवार पुजा 10/ 04/2026 को गांव के कुलदेवता सतबहिनी पर सरहुल ढिहवार घमेल पुजा मनाई गई थी, यह कह कर कि दुर्गा पुजा स्थान पर आदिवासी सामुदाय अपने परम्परागत ढिहवार घमेल पुजा नेग नियम मे नही है इसलिऐ जिला उपायुक्त महोदय को संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की जरूरत है। क्योकि एक बडी राशि का दुरूपयोग की बात है जाच के उपरांत बहुत सारे बाते खुल कर आएगी। यह आरोप आदिवासी आगुआ आशुतोष सिंह चेरो ने लगाया है।




