पांकी : पीएम आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप, गुमनाम के खाते में पहुंची पहली किस्त
छह माह से प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा रहे वास्तविक लाभुक, प्रखंड प्रमुख से लगाई न्याय की गुहार
Ashish Gupta @ United Palamu
Palamu : पांकी प्रखंड के केकरगढ़ पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी का मामला सामने आया है।आरोप है कि योजना के तहत स्वीकृत आवास की पहली किस्त वास्तविक लाभुकों के बैंक खातों में भेजने के बजाय समान नाम वाले दूसरे गांव के व्यक्तियों के खातों में हस्तांतरित कर दी गई। इस कथित गड़बड़ी के कारण वास्तविक लाभुक पिछले छह माह से अधिक समय से योजना के लाभ से वंचित हैं।
कार्यालय का लगातार चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर पीड़ित लाभुकों ने प्रखंड प्रमुख से शिकायत कर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

गुमनाम के खाते में भेजी गई राशि
मिली जानकारी के अनुसार, केकरगढ़ गांव निवासी अरविंद यादव के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि उनके आवास की पहली किस्त की राशि जोतांग गांव निवासी समान नाम वाले दूसरे अरविंद यादव के बैंक खाते में भेज दी गई। इसी प्रकार, हेडम गांव निवासी मनोज यादव के नाम से स्वीकृत आवास की पहली किस्त भी जोतांग गांव के मनोज यादव के खाते में भेजे जाने का आरोप है। वास्तविक लाभुकों के बैंक खातों में राशि नहीं पहुंचने पर जब उन्होंने योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त की, तब कथित गड़बड़ी का पता चला। इसके बाद से ही लाभुक संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
छह माह से समाधान का इंतजार
पीड़ित लाभुकों का कहना है कि छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त नहीं मिली है। आवास निर्माण की उम्मीद लगाए बैठे लाभुकों को योजना का लाभ नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि मामले की जानकारी देने और लगातार कार्यालय पहुंचने के बाद भी समस्या के समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हुई है।
जांच और कार्रवाई की मांग
समस्या का समाधान नहीं होने पर पीड़ित लाभुकों ने प्रखंड प्रमुख से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लाभुकों ने गलत बैंक खातों में भेजी गई राशि के हस्तांतरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने, नियमानुसार राशि की वसूली सुनिश्चित करने तथा वास्तविक लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।
इसके साथ ही उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की भी मांग उठाई है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच करता है और वास्तविक लाभुकों को उनका हक दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है। फिलहाल, पीड़ित लाभुकों को अपनी समस्या के समाधान और आवास योजना की राशि मिलने का इंतजार है।




