मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले अविनाश देव, माटी कारीगरों के लिए प्रमंडल स्तरीय मेले की पहल
Palamu : झारखंड में पारंपरिक माटी उद्योग को बढ़ावा देने और कारीगरों की समस्याओं के समाधान को लेकर झारखंड सरकार के माटी कला बोर्ड के निवर्तमान सदस्य, युवा झामुमो नेता सह संत मरियम आवासीय विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव ने मंगलवार को रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की।

कैबिनेट की बैठक के बाद हुई इस मुलाकात में माटी कला से जुड़े कारीगरों की स्थिति, उनकी जरूरतों और पारंपरिक उद्योग को प्रोत्साहित करने के उपायों पर चर्चा हुई।अविनाश देव ने मुख्यमंत्री का ध्यान पलामू और गढ़वा सहित झारखंड के विभिन्न जिलों में माटी कला से जुड़े कारीगरों की समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग इस पारंपरिक उद्योग से जुड़े हैं। यदि उन्हें आवश्यक संसाधन, आर्थिक सहयोग और अपने उत्पादों के विपणन के लिए उचित मंच उपलब्ध कराया जाए, तो माटी उद्योग रोजगार सृजन के साथ राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत कर सकता है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इस पारंपरिक कला को प्रोत्साहित करने की दिशा में सार्थक पहल की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने इस विषय पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।मुलाकात के बाद अविनाश देव ने बताया कि दीपावली के अवसर पर पलामू प्रमंडल के तीन जिलों पलामू, गढ़वा और लातेहार के माटी कला से जुड़े कारीगरों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रमंडल स्तरीय मेले के आयोजन पर विचार किया जा रहा है। इस मेले का उद्देश्य कारीगरों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से कारीगरों को अपने द्वारा बनाए गए दीयों, मिट्टी के बर्तनों और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिल सकता है। इससे उनकी आय बढ़ाने और पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।माटी उद्योग को प्रोत्साहन देने की यह पहल स्थानीय कारीगरों को नई पहचान दिलाने के साथ पारंपरिक हुनर के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।




