
ललगड़ी–बिचलीदाग सड़क निर्माण में भारी गड़बड़ी,मजदूरी भुगतान नहीं होने का आरोप

Sanjay prajapati @ united palamu
Latehar : सदर प्रखंड के ललगड़ी से बिचलीदाग पवही तक लगभग छह किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य माँ यशोदा कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरतने का आरोप स्थानीय ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है तथा कार्य गुणवतापूर्ण नहीं कराया गया है।स्थानीय ग्रामीण रामप्रसाद सिंह, सुरेश सिंह, रामदेव सिंह, बसंती देवी सहित कई लोगों ने आरोप लगाया कि पीसीसी सड़क निर्माण में सीमेंट की मात्रा मानक के अनुरूप नहीं दी गई है, जिसके कारण सड़क की गिट्टियां अभी से ही बाहर दिखाई देने लगी हैं।
फ्लैंक नहीं भरने, घटिया सामग्री के उपयोग और निर्माण बोर्ड नहीं लगाने का आरोप

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के किनारे गार्डवाल निर्माण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक न तो गार्डवाल बनाया गया है और न ही फ्लैंक भरा गया है। इससे आवागमन में लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि उन्हें अपने घरों के पास स्वयं मोरम और मिट्टी डालकर फ्लैंक भरना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि ठेकेदार अधूरा कार्य छोड़कर निकलने की तैयारी में है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा ललगड़ी बाजार शेड पर अतिक्रमण कर वहां सीमेंट रखा गया है। इससे ग्रामीणों को बैठने और दैनिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले का एक और गंभीर पहलू मजदूरों के भुगतान से जुड़ा है। ललगड़ी निवासी तुलसी सिंह सहित कई मजदूरों ने आरोप लगाया कि उनसे कार्य तो कराया गया, लेकिन अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है।
हेंठ पोचरा पंचायत के मुखिया रामजी सिंह ने जताई नाराजगी।
इस संबंध में हेंठ पोचरा पंचायत के मुखिया रामजी सिंह ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि ग्रामीणों की शिकायतें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है और संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
रमेश उरांव ने कहा कि सड़क निर्माण में अनियमितताएं स्पष्ट दिखाई दे रही हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं समाजसेवी रमेश उरांव ने कहा कि सड़क निर्माण में अनियमितताएं स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर निर्माण एवं प्राक्कलन बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जो गंभीर अनियमितता का संकेत है।बोर्ड को नहीं लगाना पारदर्शिता खतरे में है और इससे निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की बू आ रही है।
क्या कहते हैं आरईओ जेई?
वहीं, इस संबंध में पूछे जाने पर आरईओ के जेई ओमप्रकाश बड़ाईक ने कहा कि अभी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। फ्लैंक भरा जाएगा तथा कार्य की गुणवत्ता की जांच भी कराई जाएगी।



