8वां उर्स-ए-ताजुश्शरिया अकीदत व एहतराम के साथ संपन्न

लातेहार: करकट में दारुल उलूम कादरिया जमाले रजा में 8वां उर्स-ए-ताजुश्शरिया बड़े ही अदब व एहतराम और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर इलाके भर से उलेमा-ए-कराम, हाफिज़, कारी, तलबा और अकीदतमंदों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन पाक और नात-ए-पाक से हुई। इसके बाद उलेमा-ए-कराम ने ताजुश्शरिया की इल्मी, दीनि और इस्लाही खिदमात पर वक्ताओं ने प्रकाश डालते हुए उनकी तालीमात को अपनाने और समाज में अमन, भाईचारे व अच्छे आचरण को बढ़ावा देने का संदेश दिया।मदरसे के नाजिम-ए-आला कारी इरफान रजा ज़ियाई ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे रूहानी जलसे समाज में दीन की समझ को मजबूत करते हैं। वहीं, मदरसे के प्रिंसिपल मुफ्ती मुदस्सिर आलम अमजदी ने अपने संबोधन में ताजुश्शरिया की सीरत और उनकी दीनी खिदमात को याद करते हुए तलबा को उनके नक्श-ए-कदम पर चलने की नसीहत दी।इस मौके पर हाफिज अफजल हुसैन रजवी और कारी ज़ुबैर आलम कलीमी ने भी बारगाह-ए-ताजुश्शरिया में खिराज-ए-अकीदत पेश किया और उनके इल्मी व रूहानी योगदान को याद किया।महफिल का समापन सलात-ओ-सलाम, जिक्र-ओ-अज़कार और विशेष दुआ के साथ हुआ, जिसमें देश में अमन-चैन और तरक्की के लिए दुआएं मांगी गईं। अंत में तबर्रुक का वितरण किया गया।कार्यक्रम में इलाके के कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

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