मिथिलेश ठाकुर ने सीएम को सौंपा ज्ञापन, मगही, भोजपुरी व अंगिका को क्षेत्रीय भाषा में शामिल करने की मांग

पूर्व मंत्री की पहल से लाखों युवाओं के बेहतर भविष्य की जगी उम्मीद

गढ़वा : झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री झामुमो के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश कुमार ठाकुर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंप कर मगही, भोजपुरी एवं अंगिका भाषा को क्षेत्रीय भाषा में शामिल करने का आग्रह किया है। श्री ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मिलकर वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए लाखों युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए सहानुभूति पूर्वक विचार करने का अनुरोध किया है।

सीएम को सौंपे गए ज्ञापन में श्री ठाकुर ने कहा है कि पलामू प्रमंडल सहित राज्य के लाखों युवा जेटेट एग्जाम की प्रत्याशा में हैं। सभी को सरकार से यही उम्मीद है कि जल्द से जल्द भाषाई विवाद को सुलझाते हुए एग्जाम को कंडक्ट कराया जाय। श्री ठाकुर ने यह भी सलाह दिया है कि यदि मगही, भोजपुरी को ऑप्शनल के रूप में भी शामिल किया जाता है तो सरकार और आम पब्लिक के सामने यह आंकड़ा भी आ जाएगा कि कितने लोग इस भाषा को बोलते और जानते हैं।

इससे भाषाई विवाद भी समाप्त हो जाएगा। साथ ही इन भाषा को बोलने और जानने वाले लाखों युवाओं के समक्ष बेहतर भविष्य बनाने का ऑप्शन भी मिल जाएगा। इसमें किसी को कोई परेशानी भी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार जनसरोकार की सरकार है। राज्य के किसी भी वर्ग के लोगों के साथ कोई भेदभाव और अन्याय नहीं होगा।

इस मामले पर मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने पूर्व मंत्री श्री ठाकुर को यथा शीघ्र उचित कार्रवाई करते हुए इस मामले का बेहतर निदान करने का आश्वासन दिया है।

ज्ञात हो कि पूर्व मंत्री श्री ठाकुर पूर्व में भी कई बार इस मामले में मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए भाषाई विवाद का निदान निकालने का आग्रह कर चुके हैं।

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