राज्यसभा चुनाव में बैद्यनाथ राम को टिकट देकर झामुमो ने दलित को दिया सम्मान

United Palamu Team

Ranchi : झारखंड की राजनीति राज्यसभा चुनाव को लेकर पूरे परवान पर है। राज्यसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ने की प्रबल संभावना है। झारखंड में राज्यसभा के दो सीटों पर चुनाव होना है। इन 2 सीटों में से एक सीट पर तो झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रत्याशी की जीत तय है। बाकी एक सीट के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी लगे हुए हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस दूसरे सीट के लिए आपस में समन्वय बनाना चाह रहे हैं। लेकिन अभी तक बात नहीं बनी है। दोनों दलों में रस्सा-कसी जारी है।

इधर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बैद्यनाथ राम को राज्यसभा का टिकट देकर दलितों के प्रति अपने प्रेम को जता दिया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा की राजनीति के केंद्र बिंदु में यहां के आदिवासी, दलित और मूलवासी हैं। यह पार्टी का सीगुफा नहीं बल्कि असली प्रेम है। इस बात को बैद्यनाथ राम को टिकट देखकर पार्टी ने यह साबित भी कर दिया। यह साबित हो गया कि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा दलितों का सच्चा हितैषी है।

बैजनाथ राम का राजनीतिक इतिहास

शुरुआती दौर और जेडीयू में एंट्री

  • पेशे से शिक्षक थे। 2000 में झारखंड राज्य बनते ही नौकरी छोड़कर जेडीयू जॉइन की।
  • 2000 विधानसभा चुनाव: लातेहार सीट से जेडीयू टिकट पर लड़े और जीते। पहली बार विधायक बने।
  • बाबूलाल मरांडी सरकार में खेल मंत्री बनाए गए।

भाजपा में लंबा सफर: 2005-2019

  • 2005: जेडीयू छोड़ भाजपा में आए। लातेहार से भाजपा टिकट पर जीते। अर्जुन मुंडा सरकार में शिक्षा मंत्री बने।
  • 2009: भाजपा से लातेहार लड़े लेकिन हार गए।
  • भाजपा में लंबे समय तक रहे। पार्टी ने इन्हें अनुसूचित जाति चेहरे के तौर पर आगे रखा।झामुमो में एंट्री और विवाद
  • झामुमो में एंट्री और विवाद
  • 2019 विधानसभा चुनाव: भाजपा ने टिकट नहीं दिया। नाराज होकर चुनाव से ठीक पहले झामुमो में शामिल हो गए।
  • 2019:झामुमो-महागठबंधन प्रत्याशी के तौर पर लातेहार से जीते।
  • फरवरी 2024: चंपई सोरेन कैबिनेट विस्तार में मंत्री लिस्ट में नाम था, शपथ से ठीक पहले कट गया। इसे “दलितों का अपमान” बताया। कहा कि कांग्रेस के दबाव में नाम हटाया गया। निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी भी दी थी।संगठन में कद
  • संगठन में कद
  • मई 2025: झामुमो की नई 63 सदस्यीय केंद्रीय कार्यकारिणी में केंद्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए।
  • पार्टी SC चेहरे के तौर पर इन्हें प्रमोट करती रही है। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि “संगठन के प्रति प्रतिबद्धता और समाज में स्वीकार्यता” की वजह से राज्यसभा भेज रहे।
  • चुनावी रिकॉर्ड
  • 2000: जेडीयू – लातेहार – जीते
  • 2005: भाजपा – लातेहार – जीते, शिक्षा मंत्री बने
  • 2009: भाजपा – लातेहार – हारे
  • 2019: झामुमो – लातेहार – जीते
  • 2024: झामुमो – लातेहार – 434 वोट से हारे। अपने ही वार्ड में भाजपा से 4 गुना कम वोट मिले।

राज्यसभा उम्मीदवार

  • जून 2026: झामुमो ने शिबू सोरेन के निधन से खाली हुई सीट के लिए उम्मीदवार बनाया।
  • 8 जून को हेमंत सोरेन की मौजूदगी में नामांकन करेंगे।
  • झामुमो के पास 34 विधायक हैं, जीत पक्की मानी जा रही है।

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