
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा : 12 साल में बदली देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर
- देशभर में 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित
- 70 करोड़ से ज्यादा टेलीमेडिसिन परामर्श और 120 करोड़ ओपीडी सेवाएं
- मातृ मृत्यु दर में ऐतिहासिक कमी, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच हुई व्यापक
New Delhi : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा है कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है और आज स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली न केवल लोगों के जीवन स्तर को सुधारती है, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति और उत्पादकता को भी मजबूत बनाती है।
अनुप्रिया पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 के तहत सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को लक्ष्य बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण बनाया गया है। इसी दिशा में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना की गई, जहां प्राथमिक उपचार, रोगों की जांच, परामर्श और स्वास्थ्य जागरूकता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मई 2026 तक देश में 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो चुके हैं।

उन्होंने बताया कि ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक 70 करोड़ से अधिक टेली-परामर्श दिए जा चुके हैं, जबकि 120 करोड़ से ज्यादा ओपीडी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। गैर संचारी रोगों, कैंसर, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की समय रहते पहचान के लिए व्यापक स्क्रीनिंग अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
राज्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत करोड़ों परिवारों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिला है। वहीं, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 91 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए निवेश का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है, संस्थागत प्रसव बढ़े हैं और टीकाकरण का दायरा भी व्यापक हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर स्वस्थ भारत, सशक्त भारत के संकल्प को साकार करना है।




