
नवोदय विद्यालय-2 में अव्यवस्था पर फूटा अभिभावकों का गुस्सा, बिजली-पानी से लेकर पढ़ाई तक पर उठे सवाल
जूनियर छात्रावास में पानी-बिजली की समस्या का आरोप, परिसर में गंदगी का अंबार; स्टेशनरी वितरण और पीटीएम आकलन परीक्षा को लेकर भी नाराजगी
हुसैनाबाद : हुसैनाबाद(जपला)स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय-2 में आयोजित द्वितीय अभिभावक गोष्ठी उस समय हंगामेदार हो गई, जब अभिभावकों ने विद्यालय की शैक्षणिक और बुनियादी व्यवस्था को लेकर प्रबंधन पर जमकर सवाल उठाए। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि पूर्व की बैठकों में उठाई गई समस्याओं के बावजूद कई गंभीर समस्याएं अब भी जस की तस हैं। इससे विद्यालय की व्यवस्था और प्राचार्य की कार्यप्रणाली को लेकर अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी गई।

बैठक की अध्यक्षता प्राचार्य अशहर रूमी ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ शिक्षक कमलेश कुमार ने किया। प्राचार्य ने विद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता और पठन-पाठन में सुधार का दावा किया। भोजनालय के सामने आरओ प्लांट से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को भी उपलब्धि के रूप में बताया गया। हालांकि, अभिभावकों ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जूनियर छात्रावास में अब भी पानी की समस्या बनी हुई है। छात्रावास और एकेडमिक परिसर में गंदगी की शिकायत भी सामने आई।
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि छात्रावास की बिजली आए दिन खराब हो जाती है। विद्यालय की टेलीफोन सेवा बंद होने के कारण आपात स्थिति में बच्चों को अभिभावकों से संपर्क करने में परेशानी होती है। विद्यालय खुले करीब तीन महीने बीत जाने के बावजूद बच्चों को कलम, पेंसिल, कॉपी, गोंद समेत आवश्यक स्टेशनरी उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया गया।
दूषित पानी और एक्सपायरी दवा का मुद्दा उठा
बैठक में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। अभिभावकों ने दूषित पेयजल के कारण बच्चों के बीमार पड़ने की शिकायत की। वहीं फर्स्ट एड मेडिकल व्यवस्था में इसी माह एक्सपायर होने वाली दवा के वितरण से संबंधित स्टॉक पंजी दिखाए जाने का दावा भी किया गया। अभिभावकों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जांच की मांग की।पीटीसी आकलन परीक्षा नियमित नहीं होने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। अभिभावकों का आरोप था कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कुछ अभिभावकों ने यहां तक आरोप लगाया कि विद्यालय की मौजूदा स्थिति से परेशान होकर बच्चे नाम कटवाकर जा रहे हैं।
बैठक के दौरान बढ़ते शोरगुल और हंगामे के बीच शिक्षकों के हस्तक्षेप तथा सुधार का आश्वासन दिए जाने के बाद नई पीटीसी समिति का गठन किया गया। इसमें अरविंद सिंह, ओमप्रकाश सिंह, राजकुमार गुप्ता, संगीता कुमारी, सोनी कुमारी समेत महिला-पुरुष अभिभावकों को मिलाकर दस सदस्यों का चयन किया गया।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
बैठक के अंत में अभिभावकों ने कहा कि वे मामले को नवोदय विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सह उपायुक्त और आयुक्त के स्तर तक ले जाएंगे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से विद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक, स्वास्थ्य एवं छात्रावास व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा कराने तथा शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अब देखना होगा कि अभिभावकों की शिकायतों पर विभागीय स्तर से क्या संज्ञान लिया जाता है।




