भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार, रक्षा, मैरीटाइम सुरक्षा, पर्यटन, संस्कृति, खेल, कृषि तकनीक, लोगों के बीच संबंध और हिंद प्रशांत क्षेत्र में सहयोग पर बनी सहमति
New Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे पर दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए हैं। जिनके तहत दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले गए हैं। किसी भी भारतीय पीएम का यह 40 साल में पहला न्यूजीलैंड दौरा है। प्रधानमंत्री के इस दौरे को दोनों देशों के रिश्तों में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए अहम समझौते
भारत और न्यूजीलैंड की तरफ से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देशों ने रोडमैप 2030 बनाया है, जिसके तहत अगले चार साल के लिए संयुक्त एक्शन के लिए एक ढांचा बनाया जाएगा। दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक स्तर पर मजबूत किया जाएगा। इसमें व्यापार, रक्षा, मैरीटाइम सुरक्षा, पर्यटन, संस्कृति, खेल, कृषि तकनीक, लोगों के बीच संबंध, हिंद प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को मजबूत किया जाएगा। दोनों देश साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 अरब डॉलर तक ले जाने पर सहमत हुए हैं। दोनों देश बातचीत, कोऑर्डिनेशन, जानकारी के लेन-देन और संयुक्त गतिविधियों के जरिए हिंद प्रशांत क्षेत्र में बेहतर समुद्री सहयोग के लिए एक फ्रेमवर्क बनाएंगे।
भारत और न्यूजीलैंड हाइड्रोग्राफी और नॉटिकल कार्टोग्राफी के मामले में सहयोग करेंगे, जिसके तहत समुद्री नेविगेशन, डेटा शेयरिंग, ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण में सहयोग को मजबूत करेंगे। भारत और न्यूजीलैंड की सेनाओं के बीच लॉजिस्टिकल सपोर्ट में सहयोग से जुड़ा एक समझौता हुआ है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए एक वर्किंग ग्रुप बनाने पर सहमति बनी है। इसके तहत दोनों देश एक दूसरे के साथ सूचनाओं को साझा करेंगे और समन्वय बढ़ाया जाएगा।
भारत की एनडीआरएफ और न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी के बीच भी सहयोग के लिए एक समझौता हुआ है, जिससे आपदा की स्थिति में बचाव कार्यों को बेहतर करने की दिशा में काम किया जाएगा। साथ ही दोनों देशों के बीच भूकंप से बचने की क्षमता, सुनामी की तैयारी, तटीय खतरों को कम करने और जानकारी का आदान-प्रदान किया जाएगा। दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर पर समन्वय बढ़ेगा और दोनों देशों के नेता और शीर्ष अधिकारी एक दूसरे देशों का दौरा करेंगे और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर संबंधों को मजबूत किया जाएगा। दोनों देश हर साल विदेश मंत्री स्तर की बातचीत के लिए भी सहमत हुए हैं। इसके अलावा एक दूसरे देशों के सांसद भी दोनों देशों का दौरा करेंगे और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे।
भारत मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय और न्यूजीलैंड के पशुपालन मंत्रालय के बीच भी सहयोग को लेकर सहमति बनी है। पर्यटन और व्यापार, नवाचार और रोजगार मंत्रालयों के बीच भी दोनों देश सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और संस्कृति के स्तर पर भी आपसी समझ बढ़ेगी। दोनों देश हाई स्पोर्ट, स्पोर्ट्स साइंस, स्पॉर्ट मेडिसिन और एथलीट विकास सहित खेलों के क्षेत्र में सहयोग के लिए तैयार हुए हैं। भारत का संस्कृति मंत्रालय और न्यूजीलैंड के संस्कृति मंत्रालय के बीच सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाया जाएगा। न्यूजीलैंड ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में शामिल हो रहा है। इससे स्वच्छ ऊर्जा और सतत बायोफ्यूल्स के विकास में सहयोग को मजबूत किया जाएगा।
नगालैंड और उत्तराखंड में किवी फल एक्शन प्लान लॉन्च किया गया है और किवी फ्रूट एक्सीलेंस सेंटर्स का भी भारत में निर्माण किया जाएगा।न्यूजीलैंड के नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च और गोवा के बीच एक समझौता हुआ है।




