
सावन अमावस्या में निकलेगी लोध फॉल से सरना धाम तक भव्य कांवड़ जल यात्रा

प्रकृति,आस्था और पर्यटन का अनोखा संगम से मिलेगी जिले को नई पहचान
Chanchal singh @ united palamu
Latehar : पवित्र सावन के पावन महीना में इन दिनों हर धार्मिक प्रतिष्ठान एवं मंदिर देवालयों में बोल बम ,हर हर महादेव के नाम गूंज उठा है।साथ ही बड़े ही श्रद्धा के साथ बाबा भोलेनाथ की पूजा अर्चना की जा रही है।
ऐसे ही लातेहार जिले के गौरव कहे जाने वाले महुआडांड़ प्रखंड स्थित लोध वाटर फॉल से गारु प्रखंड अंतर्गत मायापुर पंचायत स्थित सरना धाम नर्मदेश्वर शिव मंदिर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन के अमावस्या 12 तारीख दिन बुधवार को 20 किलोमीटर दूरी की भव्य कांवड़ जल यात्रा का आयोजन किया गया है।जिसमें झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों से भारी संख्या में श्रद्धालु प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी शामिल होने वाले हैं। जिसकी तैयारियां लगभग अब पूर्ण हो चुकी है।
यह कार्यक्रम गारू प्रखंड के मानस मणिदीप सेवा संस्थान के द्वारा प्रत्येक वर्ष सावन अमावस्या के दिन आयोजन किया जाता है।जिससे आस पास के श्रद्धालूओं में काफी खुशी का माहौल रहता है।चूंकि जो लोग बाबा धाम जैसे प्रसिद्ध देवालय नहीं जा पाते हैं वैसे लोग भी बड़े ही हर्ष के साथ सरना धाम स्थित नर्मदेश्वर शिव मंदिर में लोध फॉल से पवित्र जल उठा कर जलाभिषेक करते हैं।
इस आयोजन को और भी ऐतिहासिक बनाने के लिए स्थानीय समाजसेवियों ,व्यावसायिकों एवं धार्मिक संगठनों के द्वारा लोध जलप्रपात से लेकर सरना धाम तक पूरे मार्ग में शुद्ध पेयजल ,शरबत ,फल ,प्रसाद एवं किसी अप्रिय घटना जैसे स्थितियों से बचने के लिए प्राथमिक उपचार केंद्र का भी पूर्ण व्यवस्था की जाएगी।साथ ही कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रखने के लिए पुलिस प्रशासन की पूरी चाक चौबंद रहेगी।
वहीं बतादें की पूरे जिले में इस तरह की कांवड़ जल यात्रा जैसे भव्य कार्यक्रमों का आयोजन लगभग कम ही होता है।ऐसे में मानस मणि दीप सेवा संस्थान के द्वारा विशेष कांवड़ जल यात्रा का आयोजन करना झारखंड की एक नई मिसाल और जिले की नई पहचान दिलाने में एक अहम कदम है।जिससे प्रकृति,आस्था और पर्यटन के संगम का अनूठा उदाहरण बनेगी इस भव्य और ऐतिहासिक कांवड़ जल यात्रा को सफल बनाने के लिए एग्यारह सदस्यीय का समिति बनाया गया है।जिसमें अध्यक्ष जानकी सिंह ,सचिव कमलेश यादव ,कोषाध्यक्ष यादव समेत कई कार्यकर्ता शामिल हैं।जो पूरे कांवड़ जल यात्रा कार्यक्रम का शांतिपूर्ण तरीके से आयोजन करने में अहम भूमिका निभाएगी।




