
Dhanbad में RPF ने दून एक्सप्रेस से बरामद किया 120 जीवित कछुआ
Ranchi : धनबाद में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मंडल स्तरीय टास्क टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दून एक्सप्रेस से 120 जीवित कछुए बरामद किए हैं।
गोमो से धनबाद के बीच रात्रि गश्ती के दौरान ट्रेन की जांच में महिला कोच के अंतिम कंपार्टमेंट से छह लावारिस थैले और बोरे बरामद किए गए। किसी यात्री ने इन सामानों पर अपना दावा नहीं किया। संदेह के आधार पर धनबाद स्टेशन पहुंचने के बाद आरपीएफ ने सभी थैलों को प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर उतारकर जांच की, तो जूट के बोरों में 120 जिंदा कछुए मिले। सभी कछुए इंडियन फ्लैपशेल प्रजाति के बताए गए हैं, जिन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षण प्राप्त हैं। आरपीएफ ने वन विभाग से समन्वय कर बरामद कछुओं को आगे की कार्रवाई के लिए सौंप दिया है।
गोमो से धनबाद के बीच रात्रि गश्ती पर निकली आरपीएफ की मंडल स्तरीय टास्क टीम को दून एक्सप्रेस की जांच के दौरान बड़ी सफलता मिली।

ऋषिकेश से हावड़ा जा रही दून एक्सप्रेस के पीछे की ओर स्थित महिला कोच के अंतिम कंपार्टमेंट में टीम को छह लावारिस थैले और बोरे दिखाई दिए।
जवानों ने जब कोच में मौजूद यात्रियों से इन सामानों के बारे में पूछताछ की, तो किसी ने भी थैलों और बोरों पर अपना मालिकाना हक नहीं जताया। संदेह बढ़ने पर ट्रेन के धनबाद स्टेशन पहुंचने के बाद आरपीएफ पोस्ट धनबाद की टास्क टीम की मदद से सभी छह थैलों को प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर उतारा गया।
थैलों को खोलकर जांच की गई तो इनके अंदर जूट के बोरे रखे मिले। जब बोरों को खोला गया तो आरपीएफ टीम भी हैरान रह गई। प्रत्येक बोरे में 20-20 जीवित कछुए रखे हुए थे। छह थैलों से कुल 120 जिंदा कछुए बरामद किए गए।
बरामद सभी कछुए इंडियन फ्लैपशेल प्रजाति के हैं। इन कछुओं को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षण प्राप्त है। कछुओं को इस तरह बोरे में भरकर ट्रेन के जरिए ले जाने के मामले ने वन्यजीव तस्करी की आशंका को भी बढ़ा दिया है।
आरपीएफ ने मामले की जानकारी वन विभाग को दी और वन विभाग से समन्वय कर सभी 120 जीवित कछुओं को अग्रिम कार्रवाई के लिए सुपुर्द कर दिया। फिलहाल आरपीएफ और वन विभाग पूरे मामले में आगे की कार्रवाई कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इन कछुओं को कहां से लाया गया था और इन्हें कहां ले जाया जा रहा था।




