
डायन कुप्रथा को लेकर किशुनपुर में हुआ विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन
डायन कुप्रथा मिटाने में सबका साथ जरूरी, यह समाज के लिए कलंक : संतोष कुमार पाण्डेय
Palamu : डायन कुप्रथा समाज के लिए कलंक हैं। इसे मिटाने के लिए सबका साथ जरूरी हैं। यह अंधविश्वास हैं। अंधविश्वास समाज को खोखला कर रहा है। उक्त बातें लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय ने कही। वे झालसा के दिशा निर्देश व जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान मे बुधवार को पाटन प्रखंड के किशुनपुर पंचायत सचिवालय में 90 दिवसीय गहन कानूनी जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में बोल रहे थे।
इसके पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय,पाटन के बीडीओ अमित कुमार झा,किशुनपुर ओपी प्रभारी रंजीत सिंह,मुखिया सुमन गुप्ता,एलएडीसी के असिस्टेंट वीर विक्रम वक्स राय,अधिवक्ता सुप्रिया रंजन व मध्य विधालय के प्रधानाध्यापिका रीना कुमारी ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया।

श्री पांडेय ने कहा कि डाउन बिसाही के मामले में पुरूष से ज्यादा महिलाएं शिकार होती हैं।उन्होंने कहा कि किसी महिला को डायन घोषित करने के पीछे अधिकांशतः मामले में साजिश होता हैं।पुराने रंजिश से झगड़ा के कारण उसके गांव या उसके जानने वाले ही डायन होने का अफवाह फैलाते है।उन्होंने कहा कि ऐसे लोगो को दंडित करने के लिए डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2001 का प्रावधान किया गया है।इसके तहत कोई भी ब्यक्ति किसी की पहचान डायन के रुप मे करता है तो उसे तीन महीने की जेल सहित जुर्माना देना होगा।साथ ही डायन कहकर महिला को प्रताड़ित करता हैं तो छह माह तक जेल व जुर्माना देना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि झाड़ फुक या टोटका से उपचार करने वाले ओझा या तांत्रिक भी कानूनी करवाई से नही बच सकते।उन्हें भी जेल की हवा खानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि जन्म देने वाली माता डायन कैसे हो सकती हैं। जो सृस्टि की रचना करती हैं उसको लोग डायन कहते हैं यह क्या है।यह अशिक्षा व अज्ञानता हैं।इस मौके पर पाटन बीडीओ अमित कुमार झा ने कहा कि शिक्षा के कमी और जागरूकता के अभाव के कारण डायन कुप्रथा आज भी समाज मे मौजूद है।
जिसके कारण कई मासूम महिलाओं की जान चली जाती हैं।उन्होंने कहा कि यह जागरूकता से ही मिटेगा।इस मौके पर एलएडीसी के असिस्टेंट वीर विक्रम वक्स राय ने कहा कि लोग डायन बिसाही के चक्कर मे पड़कर इलाज नही करा हैं।उन्होंने कहा कि गांव कि कमजोर विधवा व परित्यक्ता महिला को लोग डायन बोलकर प्रताड़ित करते हैं इसके पीछे का कारण उसके सम्पति को लूटना हैं।उन्होंने कहा कि जुर्म करे नही व जुर्म सहे नही।जरूरत पड़े तो डालसा का दरवाजा खटखटाये यहाँ आपको निःशुल्क बिधिक सहायता उपलब्ध कराया जाता हैं।इस मौके पर अधिवक्ता सुप्रिया रजंन ने कहा कि महिलाएं अगर जागरूक हो गई तो समाज मे क्रांति ला सकती हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं पर हिंसा हो तो आप सजग रहिये।गलत का हमेशा बिरोध कीजिये।उन्होंने महिला हिंसा के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि महिलाओं को भी समाज मे बराबरी का दर्जा प्राप्त है।उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव नही किया जा सकता। कार्यक्रम का संचालन पीएलवी रविन्द्र सिंह व धन्यवाद ज्ञापन मुखिया सुमन गुप्ता ने किया।
इस मौके पर पीएलवी विशाल कुमार,आशीष दुबे, प्रमोद शुक्ला,सूर्यदेव यादव,शैलेश पासवान,सुचित कुमार,चंद्रदीप कुमार,लव सोनी, विकास साव, निर्मला देवी, सुमन सोनी, गीता देवी, राजेश पाठक समेत सैकड़ो लोग उपस्थित थे।



