पलामू में हुआ शिशु शक्ति योजना का शुभारंभ
Palamu : पलामू जिले में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से ‘शिशु शक्ति’ योजना का शुभारंभ मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर स्मृति भवन मेदिनीनगर में किया गया। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, मेदिनीनगर नगर निगम के उप महापौर मनोज सिंह, उप विकास आयुक्त सादात अनवर, सहायक समाहर्ता ऋत्विक मेहता, सिविल सर्जन डॉ. अनिल एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इसके पश्चात विभिन्न लाभुकों के बीच A-THR का वितरण किया गया।इस अवसर पर उपायुक्त शेखावत ने समाज कल्याण विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया तथा पोषण से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली।उन्होंने कई बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा कि ‘शिशु शक्ति’ पहल के माध्यम से चिन्हित सैम बच्चों को उनकी विशेष पोषण आवश्यकताओं के अनुरूप अतिरिक्त पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान यह देखने को मिलता है कि ग्रामीण अपने खेतों में धान के साथ फल एवं सब्जियों का भी उत्पादन करते हैं। इनका उपयोग केवल बिक्री अथवा आय अर्जित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पौष्टिक फल एवं सब्जियां बच्चों की थाली तक भी पहुंचनी चाहिए।उपायुक्त श्री शेखावत ने कहा कि बच्चों के बेहतर विकास के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार अत्यंत महत्वपूर्ण है। बच्चों की थाली में केवल कार्बोहाइड्रेट आधारित भोजन तक सीमित न रहते हुए हरी सब्जियां, दाल, अंडा एवं अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंडा प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है और बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास में संतुलित पोषण की महत्वपूर्ण भूमिका है।उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पोषण पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि गर्भावस्था के नौ महीनों में महिला जो आहार एवं पोषण लेती है, उसका प्रभाव गर्भस्थ शिशु के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर पड़ता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं के पोषण का भी विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है।
उपायुक्त श्री शेखावत ने कहा कि ‘शिशु शक्ति’ की शुरुआत एक महत्वपूर्ण पहल है और आने वाले समय में इसके परिणामों की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल का संदेश केवल कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुंचना चाहिए कि बच्चों को क्या खिलाना है और उन्हें पर्याप्त एवं संतुलित पोषण कैसे देना है, यह केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के भविष्य से जुड़ा विषय है।उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों को अच्छा पोषण देकर अपने समाज और देश के भविष्य को संवार रहे हैं।उन्होंने सभी से इस पहल में अपना योगदान देने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बड़ों को चिंता, मेहनत और निरंतर प्रयास करना होगा।



