
पलामू सिविल कोर्ट के दबाव मे बर्षो से फरार अभियुक्त ने किया सरेंडर
Palamu : बर्षो से फरार चल रहे अभियुक्त तरहसी थाना के सुगी निवासी कुंदन पांडेय ने आखिरकार 9 मार्च 2026 को जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रतीक चतुर्वेदी के अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया ।विदित हो कि इस मामले में सजायपता कुंदन पांडे लगातार पुलिस को चकमा देकर बचता रहा ।पुलिस भी उसे गिरफ्तार करने में बिफल रही थी।लेकिन माननीय न्यायालय के दबाब में कुंदन पांडेय को न्यायालय में आत्म समर्पण करने को मजबूर होना पड़ा।

विदित हो कि कुंदन पांडेय को डाल्टनगंज व्यवहार न्यायालय से हत्या के एक मामले में 7 सितंबर 1990 को सत्र वाद संख्या 147/1989 में आजीवन कारावास की सजा सुनाया गया था।सजा रदद् करने को लेकर कुंदन पांडेय के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में अपील दाखिल किया गया था।क्रिमिनल अपील डीबी नम्बर 191/1990 को माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा डिसमिस कर दिया गया था तथा सजा को बरकरार रखा गया था। इसके बाद कुंदन पांडेय ने माननीय उच्चतम न्यायालय का रुख अख्तियार किया। व उच्चतम न्यायालय में एस एल पी 3888 वर्ष 2013 दाखिल किया व सजा रदद् करने का निवेदन उच्चतम न्यायालय से किया था।
उच्चतम न्यायालय के द्वारा भी एसएलपी डिसमिस कर दिया गया तथा सजा बरकरार रखा गया। इसके बाद भी वह पुलिस को चकमा देकर बर्षो से फरार रहा।पुलिस उसे पकड़ने में बर्षो तक बिफल रही।
झारखंड उच्च न्यायालय रांची के निर्देशानुसार जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत के आदेश पर 28 फरवरी2026 को उसके अचल सम्पति को कुर्क कर दिया गया था।उसी दबाब में आखिरकार कुंदन पांडेय ने 9 मार्च 2026 को न्यायालय में सरेंडर कर दिया।कोर्ट के द्वारा फिरार दोषी कुंदन पांडेय पर इतना दबाब था कि वह न्यायालय में आत्मसमर्पण करने को मजबूर हो गया।




